Car Tips: आपने कार के सेफ्टी फीचर्स में ट्रैक्शन कंट्रोल का जिक्र जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करता है? ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS) एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है, जो गाड़ी के टायर और सड़क के बीच सही पकड़ बनाए रखने में मदद करता है। खासकर फिसलन भरी या खतरनाक परिस्थितियों में, यह सिस्टम पहियों के अत्यधिक घूमने (स्पिन) को रोककर वाहन को संतुलित बनाए रखता है। इसे जरूरत पड़ने पर चालू या बंद किया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर इसे ऑन रखना ही सुरक्षित होता है।
ट्रैक्शन कंट्रोल कैसे काम करता है?
ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम गाड़ी में लगे यॉ रेट सेंसर की मदद से काम करता है। ये सेंसर वाहन की गति और टायर की पकड़ पर लगातार नजर रखते हैं। यदि किसी टायर की स्पीड बाकी टायरों से ज्यादा हो जाती है, तो यह स्किडिंग (फिसलने) या हाइड्रोप्लेनिंग (पानी पर फिसलने) का कारण बन सकता है। जब यह स्थिति उत्पन्न होती है, तो ट्रैक्शन कंट्रोल खुद सक्रिय हो जाता है और जरूरत के अनुसार टायर की गति को धीमा कर उसकी पकड़ बहाल करता है। इस दौरान आपको हल्का झटका महसूस हो सकता है, जो दर्शाता है कि सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हो चुका है।
ABS के साथ काम करता है ट्रैक्शन कंट्रोल
ट्रैक्शन कंट्रोल, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ मिलकर काम करता है। ABS यह सुनिश्चित करता है कि ब्रेक लगाने पर पहिए लॉक न हों, जिससे गाड़ी का स्टेयरिंग कंट्रोल बना रहे। अगर पहिए लॉक हो जाते हैं, तो ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण कम हो सकता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
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ट्रैक्शन कंट्रोल कब इस्तेमाल करना चाहिए?
1) हमेशा चालू रखें: यह सिस्टम गाड़ी स्टार्ट होने पर डिफ़ॉल्ट रूप से एक्टिव रहता है, और इसे बंद करने की जरूरत आमतौर पर नहीं पड़ती।
2) खराब मौसम में अनिवार्य: बारिश, बर्फबारी या फिसलन भरी सड़कों पर ट्रैक्शन कंट्रोल बेहद उपयोगी होता है।
3) घुमावदार रास्तों और तेज मोड़ों पर सहायक: यह सिस्टम गाड़ी को स्लिप होने से रोकता है और संभावित दुर्घटना से बचाने में मदद करता है।
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ट्रैक्शन कंट्रोल को बंद कब करें?
हालांकि यह सिस्टम अधिकतर स्थितियों में फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। जब आप गाड़ी को कीचड़, गहरी बर्फ, या रेतीले रास्ते से निकाल रहे हों, जहां टायर को हल्का स्पिन करने की जरूरत होती है।
कुछ स्पोर्ट्स ड्राइविंग स्थितियों में, जहां ड्राइवर को अधिक कंट्रोल चाहिए। ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम आपकी कार की सुरक्षा को बढ़ाने वाला एक अहम फीचर है। यह खासतौर पर खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कों पर पहियों की पकड़ बनाए रखता है, जिससे स्किडिंग और हाइड्रोप्लेनिंग जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है।
(मंजू कुमारी)