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आतिशी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखे अपने पत्र में दिल्ली सरकार के दफ्तरों से संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीर हटाने को लेकर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP विधायकों को जानबूझकर सदन में जाने से रोका जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। 

AAP MLAs Suspension Atishi Seeks Meeting to President Murmu: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों को विधानसभा में प्रवेश न देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर AAP की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP विधायकों को जानबूझकर सदन में जाने से रोका जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। 

राष्ट्रपति को लिखा लेटर, मिलने का समय मांगा

आतिशी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखे अपने पत्र में दिल्ली सरकार के दफ्तरों से संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीर हटाने को लेकर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे न केवल देश के वीर सपूतों का अपमान बताया, बल्कि दलित, पिछड़े और वंचित समाज का भी अनादर करार दिया। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और 28 फरवरी को AAP विधायकों को राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय दिया जाए।  

लोकतंत्र के इतिहास पर काला धब्बा: आतिशी

आतिशी ने आरोप लगाया कि जब AAP ने इस मुद्दे पर विरोध जताया और इसे सदन में उठाने की कोशिश की, तो विजेंद्र गुप्ता ने AAP के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया। आतिशी ने कहा कि जब 27 फरवरी को AAP विधायक दिल्ली विधानसभा में प्रवेश करने के लिए पहुंचे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें विधानसभा परिसर के बाहर ही रोक दिया। हमें सड़क पर धरना देने को मजबूर होना पड़ा। यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला धब्बा है।

विपक्ष को रोकना जनता की आवाज दबाने जैसा

आतिशी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि अगर विपक्ष को इस तरह रोका जाएगा तो जनता की समस्याएं कौन उठाएगा? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों का होना जरूरी है, ताकि आम लोगों की आवाज सुनी जा सके। हम राष्ट्रपति से अपील करते हैं कि वे इस गंभीर मामले पर ध्यान दें और AAP विधायकों को 28 फरवरी को मिलने के लिए समय दें।

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दिल्ली में बढ़ता सियासी घमासान

इस घटनाक्रम से दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। AAP ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि AAP अनावश्यक रूप से मुद्दे को तूल दे रही है और जनता को गुमराह कर रही है। अब देखना यह होगा कि राष्ट्रपति मुर्मू इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और AAP विधायकों को मिलने का समय देती हैं या नहीं।

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