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Fraud For Fake Insurance: दिल्ली के नजफगढ़ से फर्जीवाड़े का ऐसा मामला सामने आया है, जिससे सभी लोग हैरान रह गए। यहां पैसों के लालच में एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे के मौत की झूठी कहानी गढ़ी। उसने गांव में खबर फैलाई कि उसके बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त था, इसलिए वहीं उसका दाह संस्कार करा दिया। आरोपी ने जिस तरह से आंसू बहाए, उसकी बातों पर सभी को भरोसा हो गया। ऐसे में आरोपी पिता ने पुलिस के समक्ष भी यही कहानी दोहरा दी। उसे लगा कि वो पुलिस की आंखों में भी धूल झोंक देगा। लेकिन, एक गलती की वजह से पकड़ा गया। अब आरोपी पिता और बेटा, दोनों पुलिस गिरफ्त में हैं। नीचे जानिये कौन सी गलती पड़ी भारी, लेकिन इससे पहले बताते हैं कि उसने यह षड्यंत्र किस लालच के लिए रचा था। 

हड़पनी थी दो करोड़ की इंश्योरेंस राशि

नजफगढ़ पुलिस ने बताया कि एक शख्स ने 11 मार्च को सूचना दी थी कि उसके बेटे गगन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। उसने उसका दाह संस्कार कर दिया। उसने पुलिस को उसकी अंतिम संस्कार की तस्वीरें और अस्थियां विसर्जन की तस्वीरें भी दिखाईं। इसके अलावा तेरहवी भोज की तस्वीरें भी दिखाकर कहा कि बेटे की मौत से इतना दुखी था कि पहले इस हादसे की सूचना पुलिस को नहीं दे पाया। पुलिस ने दिखाया कि उसकी बातों पर भरोसा है। लेकिन, पुलिस समझ चुकी थी कि इसके पीछे बड़ा खेल हो सकता है। ऐसे में पुलिस ने बातों बातों में उससे कई चीजें पूछी, जिस पर वो फंस गया। 

आरोपी पिता नजफगढ़ पुलिस के समक्ष यह गलती कर गया

पुलिस ने पिता से पूछा था कि एक्सीडेंट कहां हुआ था। इस पर उसने बताया कि नजफगढ़ के फिरनी रोड पर हुआ है। जब पूछा कि शव किसने उठाया था, तो बोल दिया कि मैं घटनास्थल पर गया था। इस पर पुलिस ने तुरंत उसे घटनास्थल दिखाने को कहा। पिता ने एक जगह दिखा दी कि यहीं एक्सीडेंट हुआ था। पुलिस ने उसे जाने दिया, इसके बाद जांच की कि क्या यहां पर हादसा हुआ है या नहीं। जांच में पता चला कि हादसा में मौत होना तो दूर, छोटा मोटा भी एक्सीडेंट नहीं हुआ।

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इसके अलावा अस्पताल से भी यही पता चला कि ऐसा कोई भी व्यक्ति दाखिल नहीं हुआ था, जो हादसे में घायल होने के बाद मौत हुई थी। यह स्पष्ट होते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में उसने जो खुलासा किया, उससे पुलिस भी हैरान रह गई। 

इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए ऐसे रचा षड्यंत्र

आरोपी ने बताया कि उसने दो करोड़ रुपये की इश्योरेंस राशि हड़पने के लिए यह साजिश रची थी। इसमें उसके बेटे गगन के अलावा एक शख्स और शामिल है। उसने बताया कि दाह संस्कार, अस्थियां विर्सजन और मृत्यु प्रमाण पत्र के फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे। उसने बताया कि इंश्योरेंस की राशि पाने के लिए पुलिस दस्तावेजों की भी जरूरत थी। उसने कहा कि इसी के चलते उसे पुलिस के पास जाना पड़ा। अगर उसी डॉक्यूमेंट से क्लेम मिल जाता तो वो पकड़े नहीं जाते। संबंधित जांच अधिकारी का कहना है कि फिलहाल आरोपी पिता और पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। 

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