BJP MLA Tarvinder Singh Marwah Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा सत्र के तीसरे दिन जंगपुरा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह, जिन्होंने जंगपुरा सीट से आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को करीबी मुकाबले में हराया था। अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाया। हालांकि, चर्चा के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया कि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश देना पड़ा।
क्या बोले जंगपुरा विधायक, जिससे स्पीकर को हटाने पड़े शब्द?
सदन में चर्चा के दौरान जंगपुरा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने कहा कि उनके क्षेत्र में पानी की समस्या, गंदे पानी की परेशानी और डीसिल्टिंग को लेकर कई समस्याएं हैं। इस बीच उन्होंने स्पीकर की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप आदेश दें, आदेश क्या, आप तो बस हाथ हिला दें, आपका आदेश तो सब मानते हैं। हम तो आपके गुलाम हैं। तरविंदर सिंह मारवाह के इस बयान पर पहले तो स्पीकर विजेंद्र गुप्ता मुस्कुराए, लेकिन फिर इसे अनुचित बताते हुए कार्यवाही से हटाने का आदेश दे दिया।
बीजेपी विधायकों ने उठाई अपने क्षेत्र की समस्याएं
इससे पहले सदन में कई बीजेपी विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर चर्चा की। जब जंगपुरा विधायक को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने अपने क्षेत्र के हालातों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को लगना चाहिए कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार आई है, मोदी जी की सरकार आई है।
लॉटरी सिस्टम पर भी उठाए सवाल
तरविंदर सिंह मारवाह ने लॉटरी सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए, जो सदन में बोलने की बारी तय करने के लिए इस्तेमाल होता है। उन्होंने इस पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता से आपत्ति जताते हुए कहा कि लॉटरी सिस्टम बहुत जरूरी है, लेकिन इसमें सुधार की जरूरत है। इस पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि लॉटरी सिस्टम में किसी भी पक्ष या विपक्ष के साथ कोई भेदभाव नहीं होता और यह पूरी तरह निष्पक्ष प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई सुधार की जरूरत लगती है तो सभी विधायक मिलकर नई व्यवस्था बना सकते हैं।
मारवाह वही विधायक, जिन्होंने सिसोदिया को हराया था
तरविंदर सिंह मारवाह वही बीजेपी विधायक हैं जिन्होंने जंगपुरा सीट से आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को करीबी मुकाबले में हराया था। उनके इस बयान के बाद सदन में हलचल मच गई, लेकिन स्पीकर ने स्थिति को संभालते हुए मामले को शांत कर दिया।
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