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Bhojan Karne Ki Sahi Disha aur Vastu Niyam: जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन... यानी कि, व्यक्ति जैसा भोजन करता है, उसका मन भी वैसा ही होने लगता है। सनातन धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भोजन करने के लिए सही दिशा में बैठना भी उतना ही जरुरी है, जितना जीवन जीने के लिए भोजन का ग्रहण करना। चलिए जानते है भोजन करने से जुड़े नियम और वास्तु सलाह-

Bhojan Karne Ki Sahi Disha aur Vastu Niyam: सनातन धर्म में भोजन न सिर्फ एक वस्तु है बल्कि व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी जरुरत भी है। बड़े-बुजुर्ग एक कहावत कहा करते थे, वो ये है कि, जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन... यानी कि, व्यक्ति जैसा भोजन करता है, उसका मन भी वैसा ही होने लगता है। यह कहावत हमें भोजन और जीवन के महत्व को बड़ी सुंदरता से समझा देती है। सनातन धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भोजन करने के लिए सही दिशा में बैठना भी उतना ही जरुरी है, जितना जीवन जीने के लिए भोजन का ग्रहण करना। चलिए जानते है भोजन करने से जुड़े नियम और वास्तु सलाह- 

भोजन करने से पहले जान लें ये नियम
(Bhojan Karne Se Jude Vastu Niyam)

  • - भोजन करने से पूर्व अन्नदेवता और अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर उन्हें धन्यवाद देना चाहिए। साथ ही प्रार्थना करनी चाहिए कि, सभी भूखों को भोजन प्राप्त हो। 
  • - किसी के द्वारा छोड़ा हुआ भोजन नहीं करना चाहिए। आधा खाया हुआ फल या मिठाइयां भूलकर भी नहीं खाने चाहिए। 
  • - भोजन करने के लिए पूर्व या उत्तर दिशा में ही बैठना चाहिए। दक्षिण दिशा में बैठकर भोजन न करें, क्योंकि इस दिशा में बैठकर किया गया भोजन प्रेत को प्राप्त होता है। वहीं, पश्चिम दिशा में बैठकर भोजन करने से शरीर बीमारियों से ग्रसित होने लगता है। 
  • - मल-मूत्र का वेग होने पर और क्लेश के माहौल में भोजन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पीपल और वटवृक्ष के नीचे भी भोजन करना गलत होता है। 
  • - अगर मन में ईर्ष्या, भय, क्रोध, लोभ, रोग और द्वेषभाव चल रहा है तो, ऐसी स्थिति में भोजन पचता नहीं है। 
  • - खड़े-खड़े जूते पहनकर और सिर ढककर भोजन करना अशुभ माना गया है। 
  • - सूर्योदय से 2 घंटे बाद तक और सूर्यास्त से दहाई घंटे पहले तक के समय को भोजन के लिए सबसे उपयुक्त बताया गया है। 
  • - बिस्तरों में बैठकर और टूटे-फूटे बर्तनों में भोजन नहीं करना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता का वास होता है। 
  • - भोजन करने से पहले दोनों हाथ, दोनों पैर और मुंह अच्छी तरह स्वच्छ कर लेने चाहिए। बताया गया है कि, गीले पैरों के साथ भोजन करने से उम्र बढ़ती है और शरीर निरोगी रहता है। इसके अलावा, हमें कभी भी परोसे हुए भोजन की निंदा नहीं करनी चाहिए। 
  • - भोजन करने समय मौन रहना चाहिए, बातें नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा खाना छोड़कर उठ जाने के बाद दोबारा भोजन नहीं करना चाहिए। 

डिस्क्लेमर: यह जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है। Hari Bhoomi इसकी पुष्टि नहीं करता है।
 

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