Anuj Kanaujia Crime History: उत्तर प्रदेश STF और झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रविवार (30 मार्च) को दोनों टीमों ने मिलकर मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया का एनकाउंटर कर दिया। जमशेदपुर में हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ से 25 राउंड से अधिक गोलियां चलीं। गोलीबारी में ढाई लाख के इनामी अनुज मारा गया। STF के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही घायल हुए हैं। उन्हें जमशेदपुर TMH में भर्ती कराया गया।
जानिए पुलिस ने कैसे मारा
UP STF को सूचना मिली कि अनुज जमशेदपुर में किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। यूपी एसटीएफ ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया। शनिवार रात 10:30 बजे पुलिस ने छोटा गोविंदपुर स्थित अनुज के ठिकाने को घेर लिया। खुद को घिरता देख अनुज ने रविवार तड़के पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। मुठभेड़ में अनुज ने बम भी फेंके, लेकिन बम फटा नहीं।
25 राउंड चली गोली
मुठभेड़ में दोनों तरफ से 25 राउंड से अधिक गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में अनुज कनौजिया को गोली लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। STF के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही घायल हुए हैं। उनके बाएं कंधे पर गोली लगी है। उन्हें जमशेदपुर TMH में भर्ती कराया गया। बता दें कि 36 साल के अनुज पर दो दिन पहले ही मऊ पुलिस ने 2.50 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
15 साल की उम्र में छोड़ा घर
मऊ के चिरैयाकोट कस्बा के बहलोलपुर निवासी अनुज कनौजिया के पिता हनुमान कनौजिया सरकारी स्कूल में टीचर थे। अनुज के दो भाई मनोज और विनोद हैं। अनुज 17 साल की उम्र में घर छोड़कर भागा था। गांव से भागकर अनुज मुख्तार अंसारी के पास पहुंचा। मुख्तार उससे अपने काम कराता और बदले में उसे पुलिस और जेल जाने से बचाता रहा।
मुख्तार का राइट हैंड
अनुज मुख्तार का भरोसेमंद आदमी था। मुख्तार का राइट हैंड कहा जाता था। उसने कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाया था। अनुज दोनों हाथ में पिस्टल लेकर एक साथ फायर करता था। मुख्तार अंसारी गैंग अनुज का इस्तेमाल जमीन पर कब्जा कराने, सरकारी ठेकों में दखल के लिए करता था।अनुज का पूर्वांचल के कई जिलों में खौफ था।
अलग-अलग थानों में 23 से ज्यादा केस
अनुज पर जबरन वसूली, सुपारी किलिंग, हत्या, लूट सहित 23 से ज्यादा गंभीर अपराध दर्ज हैं। अनुज पर मऊ के अलावा गाजीपुर में भी कई मामले दर्ज हैं। कोतवाली थाने में सबसे ज्यादा छह मुकदमे दर्ज हैं। रानीपुर में 5, दक्षिण टोला थाने में 2 और चिरैयाकोट कोतवाली में 3 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। अनुज लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, इसीलिए उसके खिलाफ इनाम की राशि को एक लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई। अनुज 5 सालों से फरार चल रहा था।
घर पर चला बुलडोजर फिर भी नहीं टूटा अनुज
पुलिस ने अनुज पर दबाव बढ़ाने के लिए आजमगढ़ में स्थित उसके घर को बुलडोजर से गिराया था। इसके अलावा, उसके परिजनों को भी जेल भेजा था। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। अनुज कनौजिया की संपत्ति को कोर्ट के निर्देश पर 21 सितंबर 2021 को बहलोलपुर नवापुरा में चल-अचल संपत्ति कुर्क की गई थी।
पत्नी भी गैंगस्टर
अनुज की गैंगस्टर पत्नी भी मऊ जेल में है। शादी के बाद रीना पति अनुज के अवैध धंधों को संभालती थी। 2023 में रंगदारी के मामले में पुलिस ने रीना को झारखंड के रांची से अरेस्ट किया था। फिलहाल, वह मऊ जेल में बंद है और उसके साथ उसके दो बच्चे भी हैं। उसकी पत्नी पहले उसकी प्रेमिका रह चुकी है। उसकी खूबसूरती के भी खूब चर्चे थे।