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प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब के घर के सपने पर कुछ अधिकारी कुंडली मारकर बैठ जाते हैं। ऐसा ही एक मामला कैथल में सामने आया। आवास योजना का फार्म चार साल तक लटकाए रखा। अब पास किया तो 50 हजार रिश्वत मांगी। एसीबी ने 25 हजार रुपये लेते दो अधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार किए हैं।

गरीब का हक मारने वाले गिरफ्तार : हरियाणा के कैथल जिले में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते नगर परिषद के जेई व एक मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने की और आरोपियों को रंगेहाथ काबू किया। आरोप है कि इन्होंने एक गरीब व्यक्ति से प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रांट दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे। इस व्यक्ति को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये मिलने थे। एक लाख रुपये आने पर आरोपियों से 25 हजार रुपए मांगे गए थे। पकड़े गए आरोपियों में जेई तरुण और मैनेजर विशाल गुप्ता शामिल हैं।

चार साल से कर रहे थे फाइल रिजेक्ट, 50 हजार रुपये मांगे

एसीबी कैथल के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि गुरबचन सिंह ने शिकायत देकर तरुण और विशाल पर आरोप लगाया था कि ये दोनों चार साल से आवास योजना की फाइल अटकाए हुए हैं। हर बार कोई न कोई ऑब्जेक्शन लगाकर उसे वंचित रखा जाता है। इस बार फाइल पास की तो शर्त लगा दी कि 50 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। पहली किस्त आने पर 25 हजार रुपये देकर जाना। इसकी शिकायत उसने एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को दी। 

नगर परिषद कार्यालय में रिश्वत लेने से मना किया, रेस्टोरेंट में बुलाया

गुरबचन सिंह को एसीबी की टीम ने रिश्वत की राशि के साथ भेज दिया। गुरबचन रुपये लेकर नगर परिषद कार्यालय में पहुंचा, लेकिन वहां पर जेई और मैनेजर ने रुपये लेने से मना कर दिया। आरोपियों ने उसे शहर के एक रेस्टोरेंट में बुलाया। एसीबी की टीम ने वहां भी अपना जाल बिछाया और आरोपियों को रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

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