NCERT Books Compulsory in MP: मध्यप्रदेश की सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य होंगी। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शनिवार (29 मार्च) गाड़रवारा में एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की है। इससे प्राइवेट स्कूलों में महंगी किताबों के नाम पर वसूली बंद होगी। स्कूल संचालक अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की खरीदने के लिए दबाव नहीं बना पाएंगे।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, NCERT की किताबों में ऑथेंटिक सिलेबस होता है। निजी प्रकाशकों की किताबों से सस्ती भी होती हैं। बताया कि यह यह कदम नई शिक्षा नीति के तहत उठाया गया है।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने CBSE से संबद्ध सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि निर्धारित मापदंडों के अनुसार, स्थानीय स्तर की कुछ अतिरिक्त किताबें चला सकेंगे, लेकिन पाठ्यक्रम से जु्ड़ी NCERT की बुक ही चलानी होंगी।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह बोले-
- शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। एनसीईआरटी की बुक्स भी नई शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
- सीबीएसई स्कूलों को उनके निर्धारित मापदंड के अनुसार कुछ छूट दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर वह थोड़े-बहुत निजी बुक चला सकेंगे। लेकिन एनसीआरटी की बुक भी उन्हें चलानी होंगी।
यूनिफार्म और किताबों बड़ा कारोबार
मध्य प्रदेश में यूनिफार्म और किताबों बड़ा कारोबार है। खासकर, प्राइवेट स्कूलों में अध्यनरत छात्रों को 2 हजार से 5000 तक की बुक खरीदनी पड़ती हैं। ज्यादातर स्कूलों की दुकानें सेट हैं, जहां से पर आर्डर पर मोटा कमीशन वसूला जाता है। NCERT की जो किताब 50 रुपए में उपलब्ध है, निजी प्रकाशक उसके 200 से 300 रुपए वसूलते हैं।