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अब इस संगठन का विस्तार अन्य राज्यों में भी हो रहा है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की त्योथर तहसील से विक्रम सिंह इस मुहिम से जुड़े हैं और गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं।

Vanar Sena:समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा और साफ़ नीयत किसी को भी नायक बना सकती है। उत्तर प्रदेश के अजीत प्रताप सिंह ने वानर सेना नामक संगठन की शुरुआत कर यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया का सही उपयोग कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उनके इस संगठन ने अब तक 50,000 से अधिक मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है।

मध्य प्रदेश में भी हो रहा संगठन का विस्तार
अब इस संगठन का विस्तार अन्य राज्यों में भी हो रहा है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की त्योथर तहसील से विक्रम सिंह इस मुहिम से जुड़े हैं और गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं।

विक्रम सिंह बताते हैं कि सड़क हादसे के शिकार सुधांशु त्रिपाठी के इलाज के लिए सिर्फ एक हफ्ते में 5 लाख रुपए जुटाए गए। यह रकम सुधांशु के पिता रामायण त्रिपाठी को आर्थिक सहायता के रूप में दी गई, जिससे इलाज में कोई कठिनाई न हो। अब सुधांशु की हालात स्थिर बनी हुई है। 

कोरोना काल में हुई थी शुरुआत
इस संगठन की शुरुआत कोरोना महामारी के कठिन समय में हुई थी, जब देशभर में लोग ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए परेशान थे। इस संकट के समय वानर सेना ने हजारों लोगों तक ऑक्सीजन, ब्लड डोनेशन और मुफ्त इलाज की सुविधा पहुंचाई।

देवदूतों का समूह बना वानर सेना
उत्तर प्रदेश में 10,000 से अधिक वॉलंटियर (देवदूत) इस संगठन से जुड़े हुए हैं। इसमें आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीएस, इंस्पेक्टर, बीएसए, डॉक्टर, इंजीनियर सहित कई प्रतिष्ठित पेशेवर शामिल हैं। खास बात यह है कि ये सभी लोग सदस्य बनकर निस्वार्थ भाव से समाजसेवा कर रहे हैं।

वानर सेना का मुख्य उद्देश्य:

  1. ब्लड डोनेशन अभियान
  2. ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था
  3. जरूरतमंद मरीजों के इलाज में मदद
  4. गरीब परिवारों की आर्थिक सहायता

सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल
वानर सेना सोशल मीडिया का बेहतरीन इस्तेमाल कर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जरूरतमंदों की जानकारी साझा की जाती है और लोग तुरंत सहायता के लिए आगे आते हैं।

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