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पत्थलगांव नगर पंचायत को  नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा के बाद से ही भाजपा- कांग्रेस आमने- सामने हो गए हैं। भाजपा विधायक ने कांग्रेस पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया है।

जितेन्द्र सोनी- जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले पत्थलगांव नगर पंचायत को सीएम विष्णुदेव साय ने नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा की है। जिसकी अधिसूचना जारी होते ही राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर पत्थलगांव के पूर्व विधायक रामपुकार सिंह और वर्तमान विधायक गोमती साय आमने-सामने आ गए हैं। 

दरअसल, सरगुज़ा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सह पत्थलगांव विधायक गोमती साय का आरोप है कि, पूर्व विधायक रामपुकार सिंह पत्थलगांव के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि, रामपुकार सिंह नगर पालिका गठन में रोड़ा अटका रहे हैं। गोमती साय ने कहा कि, पत्थलगांव के विकास कार्यों को पूर्व विधायक रोकने का काम कर रहे हैं। इसका साक्षात और लिखित प्रमाण हमारे सामने हैं नगरपालिका न बने इसलिए आपत्ति किए हैं जो बहुत दुख की बात है पूर्व विधायक काफी वरिष्ठ है जानकारी होने के बाद भी आपत्ति नहीं करना था।

पूर्व विधायक आरोपों को किया ख़ारिज 

पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि, वे हमेशा पत्थलगांव के विकास में अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं। उनका पत्र किसी अवरोध के लिए नहीं, बल्कि विधिक प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने के लिए था।वे विकास के पक्षधर है विकास होते रहना चाहिए, पत्थलगांव नगर पालिका बनेगा तो विकास की गति बढ़ेगी, भविष्य के विकास का आधार बनेगा।उन्होंने कहा कि पत्थलगांव नगर पालिका बनने से उन्हें सबसे ज्यादा खुशी हो रही है। 

मानकों को पूरा किए बिना किया जा रहा गठन - रामपुकार सिंह 

कांग्रेस के पूर्व विधायक रामपुकार सिंह के अनुसार, वर्तमान में पत्थलगांव नगर पंचायत की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 16 हजार 613 है, जबकि नगर पालिका बनने के लिए न्यूनतम 20 हजार जनसंख्या आवश्यक है। साथ ही, नगर पालिका के लिए 16 से 40 वार्ड होने चाहिए, जबकि पत्थलगांव में अभी केवल 15 वार्ड हैं। उन्होंने बताया कि, नगर पालिका का गठन इन मानकों को पूरा किए बिना किया जा रहा है, जो विधि सम्मत नहीं है।

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