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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चुनाव लड़ रहे सभी 699 उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, 46 फीसदी यानी 324 उम्मीदवार 5वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। 322 उम्मीदवारों ने खुद को ग्रेजुएट बताया है।

Education levels of Delhi election candidates: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचार अपने चरम पर है। 5 फरवरी को वोटिंग और 8 फरवरी को नतीजों के ऐलान से पहले, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चुनाव लड़ रहे सभी 699 उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, 46 फीसदी यानी 324 उम्मीदवार 5वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। 322 उम्मीदवारों ने खुद को ग्रेजुएट बताया है। इसके अलावा, 18 ने डिप्लोमा धारक होने की जानकारी दी है।  

दिलचस्प बात यह है कि 29 प्रत्याशियों ने खुद को निरक्षर बताया है, जबकि 6 ने खुद को केवल साक्षर बताया। पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों की संख्या 104 है, जो पिछले चुनाव के 90 के आंकड़े से अधिक है। वहीं, 8 उम्मीदवारों ने डॉक्टरेट होने की जानकारी दी है, जो 2020 में 11 थी।  

उम्र का ब्योरा: युवा और वरिष्ठ उम्मीदवारों का मिश्रण

इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों की उम्र के मामले में भी विविधता देखने को मिल रही है। 394 उम्मीदवार (56) फीसदी की उम्र 41 से 60 साल के बीच है। 196 (28) फीसदी उम्मीदवार 25 से 40 साल के हैं। वहीं, 61 से 80 साल के 106 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। दिलचस्प रूप से, 80 साल से अधिक उम्र के 3 प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। सबसे उम्रदराज उम्मीदवार आम जनमत पार्टी के राजेंद्र हैं, जिन्होंने अपनी उम्र 88 साल बताई है। वहीं, सबसे कम उम्र के दो उम्मीदवार आजाद प्रत्याशी भावना और बसपा के हर्षद चड्ढा हैं, जिनकी उम्र 25 साल है।  

अरबपति और करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी

इस बार 23 उम्मीदवारों में 3 फीसदी ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई है, जबकि 2020 के चुनाव में यह संख्या केवल 13 थी। इनमें से 5 उम्मीदवार अरबपति हैं। बीजेपी के 68 उम्मीदवारों में से 3, कांग्रेस और आप के 70 में से 1-1 उम्मीदवार अरबपति हैं।  

पिछले चुनावों से तुलना

2020 के विधानसभा चुनाव में 672 उम्मीदवारों में से 2 फीसदी ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई थी। इस बार यह प्रतिशत 3 फीसदी हो गया है। साथ ही, उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राजनीति में पढ़े-लिखे प्रत्याशी बढ़ रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 कई मायनों में अलग है। उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता से लेकर उनकी संपत्ति और उम्र तक, यह चुनाव विविधताओं का प्रतीक है। अब देखना यह है कि इन आंकड़ों का चुनाव परिणामों पर कैसा प्रभाव पड़ता है।

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