MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के राजाखोह गांव की चार बहनों के स्टार्टअप की सराहना की। पीएम मोदी ने मन की बात में कहा- इन बहनों ने महुआ के फूलों से कुकीज बनाने की अनूठी पहल शुरू की है, जो अब पूरे देश में लोकप्रिय हो रही है। यह कहानी न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि भारत में ग्रामीण उद्यमिता के बढ़ते कदमों को भी दर्शाती है।
महुआ: आदिवासी संस्कृति की अनमोल धरोहर
महुआ का पेड़ और इसके फूल आदिवासी समुदायों के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। परंपरागत रूप से इसका उपयोग खाद्य पदार्थों, औषधियों और अन्य उत्पादों के रूप में किया जाता रहा है। लेकिन राजाखोह की इन बहनों ने इस परंपरा को एक नए स्वरूप में ढालते हुए महुआ के फूलों से स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर कुकीज बनाने की शुरुआत की।
कैसे शुरू हुई यह प्रेरणादायक पहल?
राजाखोह गांव की इन चार बहनों ने महुआ के फूलों की उपयोगिता को समझते हुए इससे कुकीज बनाने की शुरुआत की। उनके इस अभिनव विचार को एक बड़ी कंपनी ने पहचाना और उन्हें फैक्ट्री में काम करने की ट्रेनिंग दी। इस पहल से प्रभावित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी इससे जुड़ गईं और देखते ही देखते यह एक सफल स्टार्टअप बन गया।
मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा हो, तेलंगाना का आदिलाबाद या फिर गुजरात का एकता नगर, यहां फूलों को लेकर हो रहे अनूठे प्रयोग में कुछ नया करने की अद्भुत प्रेरणा है! #MannKiBaat pic.twitter.com/fIwITh7jor
— Narendra Modi (@narendramodi) March 30, 2025
तेजी से बढ़ रही है मांग
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इन महुआ कुकीज की मांग अब तेजी से बढ़ रही है। यह पहल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करने के साथ-साथ महुआ के फूलों को एक नए बाजार से भी जोड़ रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि आदिवासी समुदायों को अपनी पारंपरिक वन उपज के लिए एक स्थायी और लाभकारी बाजार मिलने लगा।
महुआ कुकीज के फायदे
पोषण से भरपूर – महुआ प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है।
स्वदेशी और जैविक उत्पाद – ये कुकीज बिना किसी कृत्रिम सामग्री के बनाई जाती हैं।
स्थानीय रोजगार का साधन – इस पहल से कई ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण – महुआ कुकीज का बढ़ता बाजार आदिवासी समुदायों के लिए एक नए आर्थिक अवसर के रूप में उभर रहा है।