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ind vs nz final toss: न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी रोहित शर्मा टॉस हार गए। ये लगातार 12वां वनडे है, जिसमें रोहित ने टॉस गंवाया।

ind vs nz final toss: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की टॉस में हारने की बदकिस्मती जारी है। रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में उन्होंने लगातार 12वां वनडे टॉस गंवा दिया। न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

रोहित अब वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा के साथ वनडे में लगातार सबसे ज्यादा 12 टॉस हारने वाले कप्तानों की सूची में शामिल हो गए। उन्होंने नीदरलैंड्स के पीटर बोर्रेन को पीछे छोड़ दिया। रोहित ने आखिरी बार नवंबर 2023 में कोई टॉस जीता था, जबकि लारा ने 1998 से 1999 के बीच लगातार 12 टॉस गंवाए थे। यही नहीं, भारत ने भी लगातार 15 वनडे मुकाबलों में टॉस गंवाया है।

क्या टॉस हारने से कोई फर्क पड़ता है?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत का मानना है कि टॉस हारने का कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "भारतीय टीम इतनी बेहतरीन बल्लेबाजी कर रही है कि टॉस कोई मायने नहीं रखता।"

वहीं, दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी टॉस हारने को सकारात्मक रूप से देखने की बात कही। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल 'अश की बात' पर कहा, "भारत के पास दोनों विकल्पों के लिए मजबूत योजना है। टीम ने इस टूर्नामेंट में बेहतरीन तरीके से लक्ष्य का पीछा किया है और स्कोर डिफेंड भी किया है। वास्तव में, भारत को टॉस हार जाना चाहिए और न्यूज़ीलैंड को फैसला लेने देना चाहिए। यह उनके लिए उलझन भरा हो सकता है, क्योंकि भारत ने पहले भी उन्हें 44 रन से हराया था।"

न्यूज़ीलैंड ने किया एक बदलाव
न्यूज़ीलैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है। उन्होंने चोटिल मैट हेनरी की जगह नाथन स्मिथ को टीम में शामिल किया है। वहीं, भारत ने पिछले मुकाबले वाली अपनी विजयी प्लेइंग इलेवन को ही बरकरार रखा है।

गौरतलब है कि न्यूज़ीलैंड को भारत ने पिछले हफ्ते ग्रुप मुकाबले में 44 रनों से हराया था। अब दोनों टीमें एक बार फिर खिताब के लिए आमने-सामने हैं। यह टूर्नामेंट आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान में आयोजित किया गया था, लेकिन भारत ने राजनीतिक तनाव के कारण अपने सभी मैच दुबई में खेले।

रिकॉर्ड तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी जीत सकता भारत
अगर भारत इस मैच में जीत हासिल करता है, तो यह उसकी तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी होगी। इससे पहले टीम इंडिया 2002 (श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से) और 2013 में यह खिताब जीत चुकी है। वहीं, न्यूज़ीलैंड ने 2000 में नैरोबी, केन्या में खेले गए फाइनल में भारत को हराकर एकमात्र चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए खिताब अपने नाम कर पाती है या न्यूज़ीलैंड एक बार फिर भारत का सपना तोड़ देगा।

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