ind vs nz final: भारतीय टीम एक बार फिर आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका मुकाबला रविवार को न्यूजीलैंड से होगा। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के हरफनमौला प्रदर्शन की तारीफ हो रही लेकिन कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाज़ी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे।
रोहित ने इस टूर्नामेंट में चार पारियों में 104 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 107.21 का रहा। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी के चलते वे अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे। हालांकि, टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि टीम प्रबंधन आंकड़ों पर ध्यान नहीं देता, बल्कि खिलाड़ी के प्रभाव को अहमियत देती है।
गावस्कर ने दी रोहित को लंबी पारी खेलने की सलाह
सुनील गावस्कर का मानना है कि अगर रोहित शर्मा क्रीज़ पर अधिक समय बिताते हैं, तो टीम बड़े स्कोर बना सकती है। उन्होंने कहा, 'अगर रोहित 25 ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं, तो भारत का स्कोर 180-200 के करीब होगा। सोचिए, अगर उस समय तक सिर्फ दो विकेट गिरे हों, तो टीम 350 या उससे ज्यादा का स्कोर बना सकती है।'
गावस्कर ने आगे कहा, 'उन्हें इस पर विचार करने की ज़रूरत है। आक्रामक खेलना अच्छी बात है, लेकिन कभी-कभी समझदारी भी दिखानी चाहिए ताकि वे 25-30 ओवर तक बल्लेबाज़ी कर सकें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो विपक्षी टीम पर जबरदस्त दबाव बनेगा और यह मैच जिताने वाला प्रदर्शन साबित होगा।'
रोहित का प्रदर्शन अब तक कैसा रहा?
इस टूर्नामेंट में रोहित का सर्वोच्च स्कोर 41 रन रहा, जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ भारत के पहले मुकाबले में बनाया था। इसके बाद वे पाकिस्तान के खिलाफ 20, न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 28 रन ही बना सके।
गावस्कर का मानना है कि रोहित को अपनी छोटी पारियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक बल्लेबाज़ के तौर पर क्या आप 25-30 रन बनाकर खुश होंगे? आपको नहीं होना चाहिए! मैं उनसे कहूंगा कि अगर वे 25 ओवर तक बल्लेबाज़ी करते हैं, तो उनका टीम पर प्रभाव कहीं ज्यादा होगा।'
गंभीर ने किया रोहित का बचाव
गौतम गंभीर ने रोहित की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि टीम सिर्फ आंकड़ों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा, 'हम यह नहीं देखते कि किस खिलाड़ी के कितने रन हैं, बल्कि यह देखते हैं कि उसका खेल टीम के लिए कितना प्रभावशाली रहा है।'
अब देखना यह होगा कि रोहित शर्मा फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ किस तरह की बल्लेबाज़ी करते हैं और क्या वे अपनी इस छोटी पारियों की समस्या को दूर कर पाते हैं या नहीं।