india vs new zealand final: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। शनिवार को भारत ने हल्का ट्रेनिंग सेशन किया लेकिन कोच गौतम गंभीर, कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली की बीच पिच के पास लंबी चर्चा ने सभी का ध्यान खींचा। ऐसा माना जा रहा है कि यह बातचीत पिच के हिसाब से टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव को लेकर हुई थी।
दुबई के इस मैदान पर भारत पहले भी खेल चुका है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा ने माना था कि उन्हें यह तय करने में मुश्किल हो रही थी कि पहले बल्लेबाजी करनी है या गेंदबाजी, क्योंकि पिच कैसा बर्ताव करेगी इसका अंदाजा नहीं था। अब जब तापमान में बदलाव आया है, तो फिर से वही दुविधा सामने है।
दुबई की पिच की अबूझ पहेली
पिछले तीन हफ्तों से दुबई का मौसम ठंडा था लेकिन गुरुवार से तापमान में 10 डिग्री तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में अगर गर्मी बढ़ी तो पिच पर क्या असर पड़ेगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। इसके अलावा, अगर ओस गिरती है तो दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिल सकता है। ऐसी स्थिति में भारत को अपनी 4 स्पिनरों की रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, इस रणनीति ने अब तक बेहतरीन काम किया है और टीम इंडिया न्यूजीलैंड पर इस लिहाज से बढ़त बनाए हुए है।
पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी क्या सही रहेगा?
अगर तापमान बढ़ा तो इसका असर पिच पर जरूर पड़ेगा और अगर ओस खेल में नहीं आई तो फिर जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, विकेट और धीमा हो जाएगा और ऐसे में रन चेज करना आसान नहीं होगा और इसी हिसाब से प्लेइंग-11 चुननी होगी। भारत ने शुरुआती 2 मैच 3 तेज गेंदबाजों और 3 स्पिनर के साथ खेले थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिय़ा और न्यूजीलैंड के खिलाफ रणनीति बदली और 4 स्पिनर खेले थे। ऐसे में अब ये देखना होगा कि फाइनल में भारत की रणनीति क्या होती है।
फाइनल से पहले भारतीय खेमे की हलचल
शनिवार के ट्रेनिंग सेशन में पिच को लेकर भारतीय खेमे में काफी हलचल देखी गई। सबसे पहले रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने पिच का बारीकी से निरीक्षण किया। फिर कोच गौतम गंभीर ने भी पिच को नजदीक से देखा। इसके बाद रोहित शर्मा, जो नेट्स में प्रैक्टिस कर रहे थे, पिच का मुआयना करने पहुंचे। कुछ समय बाद उन्होंने कोहली को भी बुलाया और तीनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत चली।
न्यूजीलैंड की मजबूत चुनौती
न्यूजीलैंड की टीम भी किसी से कम नहीं। उन्होंने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई। उनके पास मजबूत स्पिन आक्रमण है और उनके बल्लेबाज भी दुबई की परिस्थितियों में खुद को ढाल सकते हैं। हालांकि, कीवी टीम के लिए तेज गेंदबाज मैट हेनरी की उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है।
पिछली बार जब ये दोनों टीमें आमने-सामने आई थीं, तो भारतीय स्पिनरों ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खासा परेशान किया था। यह देखना दिलचस्प होगा कि फाइनल में भी यही कहानी दोहराई जाती है या नहीं।