Delhi Liquor Scam: दिल्ली की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कथित आबकारी घोटाले में आरोपी व्यक्तियों को कागजात सौंपने के निर्देश दिए हैं। यह मामला दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह से जुड़ा हुआ है। अदालत ने 25 फरवरी को आरोपियों द्वारा दायर आवेदनों पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्हें मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज हासिल नहीं हुए हैं।
कोर्ट में अगली सुनवाई तीन मार्च को
विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने निर्देश दिया कि आरोपियों को दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और मामले की अगली सुनवाई तीन मार्च को निर्धारित की गई है। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई के दिन आगे की कार्यवाही के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं।
क्या है पूरा मामला?
यह धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए की गई सिफारिश के बाद सामने आया था। इस घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली सरकार के खिलाफ जांच शुरू की थी।
नीति में बदलाव और आरोप
सीबीआई और ईडी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 2021 में लागू की गई आबकारी नीति में अनियमितताएं की और शराब लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। नीति को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सितंबर 2022 में वापस ले लिया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि नीति लागू करते समय नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।
क्या होगा केजरीवाल और आप नेताओं का भविष्य?
दिल्ली में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को झटका लग चुका है। अब आबकारी नीति मामले में कानूनी शिकंजा कसने से अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर दबाव और बढ़ सकता है। अगर अदालत में आरोप सही साबित होते हैं, तो आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है।
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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और अगला कदम
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार आम आदमी पार्टी पर निशाना साध रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि ईडी की कार्रवाई से केजरीवाल और उनकी पार्टी का राजनीतिक भविष्य किस दिशा में जाएगा।
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